Skin Diseases: स्किन डिजीज अब गंभीर बीमारियों में शामिल, WHO ने सनस्क्रीन और मॉश्चराइजर को माना जरूरी दवा

Skin Diseases: स्किन डिजीज अब गंभीर बीमारियों में शामिल, WHO ने सनस्क्रीन और मॉश्चराइजर को माना जरूरी दवा

<p style=”text-align: justify;”>Skin Diseases: आजकल की खराब लाइफस्टाइल और बदलते मौसम में हम सभी किसी न किसी तरह की स्किन से जुड़ी समस्या का सामना कर रहे हैं. जैसे मुंहासे, खुजली, एलर्जी, रफ स्किन या ड्राईनेस. पहले इन्हें सिर्फ आम समस्याएं माना जाता था, लेकिन अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्किन &nbsp;बीमारियों को गंभीर बीमारी की श्रेणी में शामिल कर दिया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>यह फैसला स्किन की बीमारी से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है. WHO ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए सनस्क्रीन और मॉइश्चराइजर को भी जरूरी दवाओं की सूची में शामिल कर लिया है. अब ये सिर्फ कॉस्मेटिक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि इलाज का हिस्सा माने जाएंगे.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>सनस्क्रीन और मॉइश्चराइजर इलाज के लिए जरूरी</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>WHO का कहना है कि सनस्क्रीन और मॉइश्चराइजर सिर्फ स्किन को निखारने के लिए नहीं, बल्कि कई गंभीर स्किन बीमारियों से बचाने और उनका इलाज करने के लिए जरूरी हैं. खासकर जिन लोगों को एल्बिनिज्म या एटोपिक डर्मेटाइटिस होती है, उनके लिए यह जरूरी दवाएं बन गई है. अब इन प्रोडक्ट्स को सरकार और स्वास्थ्य संगठन दवा की तरह अवेलेबल करा सकेंगे, जिससे मरीजों को यह कम कीमत पर मिल सकेगा.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>स्किन की बीमारियां कितनी गंभीर हो सकती हैं?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>बहुत से लोग स्किन की बीमारियों को आम मानते हैं, लेकिन कुछ बीमारियां इतनी गंभीर होती हैं कि वह पूरी जिंदगी परेशान कर सकती हैं या जानलेवा भी बन सकती हैं. स्किन की आम बीमारियां मुंहासे, खुजली और रैश, एलर्जी, एग्जिमा और एलोपेसिया एरीटा मानी जाती है. वहीं स्किन की गंभीर बीमारियां सोरायसिस, रोसैसिया, विटिलिगो और मेलेनोमा को बताया जाता है. WHO का यह मानना है कि इन बीमारियों को अगर शुरुआत में ही पहचाना जाए और सही इलाज मिले तो स्थिति को संभाला जा सकता है.&nbsp;<br /><strong>&nbsp;</strong><br /><strong>ग्लोबल एक्शन प्लान की तैयारी&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>WHO अब इस दिशा में और कदम उठाने जा रहा है. अगले साल WHO एक Global Action Plan (वैश्विक कार्य योजना) पेश करेगा, जिसका मकसद &nbsp;दुनियाभर में &nbsp;स्किन बीमारियों को लेकर जागरूकता बढ़ाना, इलाज को आसान बनाना और सस्ती दवाएं अवेलेबल कराना है. ग्लोबल स्किन नाम की संस्था की CEO जेनिफर ऑस्टिन ने कहा कि WHO के इस कदम से इलाज की लागत कम होगी और स्किन बीमारियों के मरीजों को राहत मिलेगी. WHO के इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब स्किन बीमारियों से परेशान गरीब और मिडिल क्लास के लोग भी कम खर्च में इलाज करवा पाएंगे.&nbsp;</p>
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