<p style=”text-align: justify;”><strong>Healthy Weight For Height:</strong> स्वस्थ जीवन जीने के लिए शरीर का वजन और कद का संतुलन बेहद जरूरी है. अक्सर लोग सोचते हैं कि वजन सिर्फ दिखने की बात है, लेकिन हकीकत में यह हमारी सेहत से सीधा जुड़ा हुआ है. अगर वजन ज़रूरत से ज्यादा या कम हो जाए तो कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसी संतुलन को समझने के लिए मेडिकल साइंस में एक फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है, जिसे बॉडी मास इंडेक्स (BMI) कहते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बीएमआई क्या है और कैसे निकालते हैं</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स से यह पता चलता है कि आपका वजन आपकी लंबाई के हिसाब से सही है या नहीं. इसे निकालने का फॉर्मूला है- </p>
<p style=”text-align: justify;”>BMI = वजन (किलोग्राम) / लंबाई (मीटर)²</p>
<p style=”text-align: justify;”>उदाहरण के लिए अगर किसी का वजन 70 किलो है और लंबाई 1.83 मीटर (6 फीट) है तो उसका BMI होगा-</p>
<p style=”text-align: justify;”>70 / (1.83 × 1.83) = 20.90</p>
<p style=”text-align: justify;”>अगर आपका BMI 18.5 से 24.9 के बीच है तो इसे हेल्दी माना जाता है. 18.5 से कम BMI का मतलब है कि आप अंडरवेट हैं और 25 से ऊपर होने पर ओवरवेट या मोटापे का खतरा माना जाता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>सिर्फ बीएमआई से पूरी तस्वीर साफ नहीं होती</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>विशेषज्ञों का मानना है कि BMI एक शुरुआती पैमाना तो है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. खासकर भारतीय लोगों के लिए. इसका कारण है कि BMI पेट की चर्बी (belly fat) को नहीं दिखाता, जबकि यही सबसे खतरनाक मानी जाती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) का कहना है कि सिर्फ BMI देखने के बजाय पेट की चर्बी और कमर का नाप भी जरूरी है. अगर पुरुषों की कमर 90 सेंटीमीटर से ज्यादा या महिलाओं की कमर 80 सेंटीमीटर से ज्यादा है तो यह मोटापे और दिल की बीमारियों का संकेत हो सकता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कद के हिसाब से सही वजन कितना होना चाहिए</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>नीचे एक चार्ट दिया गया है जिसमें कद के हिसाब से महिलाओं और पुरुषों का सही वजन बताया गया है-</p>
<p style=”text-align: justify;”>152 सेमी (5 फीट): महिलाएं 40–50 किलो, पुरुष 43–53 किलो</p>
<p style=”text-align: justify;”>160 सेमी (5.3 फीट): महिलाएं 47–57 किलो, पुरुष 50–61 किलो</p>
<p style=”text-align: justify;”>165 सेमी (5.5 फीट): महिलाएं 51–62 किलो, पुरुष 55–68 किलो</p>
<p style=”text-align: justify;”>170 सेमी (5.7 फीट): महिलाएं 55–67 किलो, पुरुष 60–73 किलो</p>
<p style=”text-align: justify;”>175 सेमी (5.9 फीट): महिलाएं 59–72 किलो, पुरुष 65–79 किलो</p>
<p style=”text-align: justify;”>180 सेमी (6 फीट): महिलाएं 63–77 किलो, पुरुष 70–85 किलो</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्यों जरूरी है सही वजन बनाए रखना</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>अगर वजन कद के हिसाब से ज्यादा हो तो डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और जोड़ों की समस्या हो सकती है. वहीं वजन कम होने पर कमजोरी, पोषण की कमी और इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इसलिए जरूरी है कि लोग न केवल अपना BMI चेक करें बल्कि पेट की चर्बी और कमर का नाप भी ध्यान में रखें. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी रखकर सही वजन हासिल किया जा सकता है. कद और वजन का संतुलन सिर्फ सुंदर दिखने के लिए नहीं बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए बेहद जरूरी है. सही BMI और सही कमर का नाप आपकी सेहत की सुरक्षा करता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>इसे भी पढ़ें- <a title=”Female Heart Risk: महिलाओं में नजर आते हैं हार्ट अटैक के ये 5 लक्षण, गलती से भी नहीं करने चाहिए इग्नोर” href=”https://www.abplive.com/lifestyle/health/5-heart-attack-symptoms-in-women-you-should-never-ignore-3012410″ target=”_self”>Female Heart Risk: महिलाओं में नजर आते हैं हार्ट अटैक के ये 5 लक्षण, गलती से भी नहीं करने चाहिए इग्नोर</a></strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>
