सर्दियों में रहें फिट और वायरल से दूर, जानें 5 असरदार काढ़े जो बढ़ाएंगे इम्यूनिटी

<p style="text-align: justify;">सर्दियों का मौसम आते ही हमारी सेहत पर कई तरह के असर पड़ते हैं. ठंडी हवाओं और बदलते मौसम के कारण शरीर की इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, जिससे सर्दी, खांसी, जुकाम और थकान जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. साथ ही हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, शरीर में ठंडक और कमजोरी जैसी शिकायतें भी आम हो जाती हैं. ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि हम अपनी सेहत का खास ख्याल रखें और शरीर को अंदर से मजबूत बनाएं.</p> <p style="text-align: justify;">इस मौसम में हमारी बॉडी को गरम रखने और बीमारियों से बचाने के लिए नेचुरल उपाय बहुत असरदार साबित होते हैं. इनमें से एक सबसे आसान और कारगर उपाय काढ़ा पीना है. काढ़ा न सिर्फ शरीर को अंदर से गर्म रखता है, बल्कि इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है. अगर आप रोजाना सुबह खाली पेट काढ़ा पिएं, तो आप खुद को सर्दियों में होने वाली बीमारियों से बचा सकते हैं. तो आइए जानते हैं सर्दियों में पीने वाले 5 असरदार काढ़ों के बारे में और उन्हें बनाने का आसान तरीका क्या है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सर्दियों में पीने वाले 5 असरदार काढ़े</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1. तुलसी-अदरक-इलायची का काढ़ा -</strong> तुलसी और अदरक सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. यह काढ़ा शरीर को अंदर से गर्म रखने के साथ सर्दी और खांसी जैसी समस्याओं से बचाता है. इसे बनाने के लिए एक पैन में 1 कप पानी गरम करें, इसमें 5-6 तुलसी के पत्ते, कद्दूकस किया अदरक, 2 खड़ी इलायची और 1 चम्मच शहद डालें. इसे 5-6 मिनट उबालें. अब छानकर गरम-गरम पिएं. रोजाना सुबह इसे पीने से आपका शरीर मजबूत रहेगा और इम्यूनिटी भी बढ़ेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2. तुलसी-गिलोय का काढ़ा -</strong> गिलोय को आयुर्वेद में बीमारियों से लड़ने वाला जड़ी-बूटी कहा जाता है. यह काढ़ा पाचन को सुधारने, शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने और वायरल संक्रमण से बचाने में मदद करता है. इसे बनाने का तरीका भी बेहद आसान है. इसे बनाने के लिए 2 कप पानी में गिलोय और तुलसी के पत्ते डालें. इसे 7-8 मिनट तक उबालें. अब इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं और छानकर पिएं. इस काढ़े को रोजाना पीने से आप सर्दियों में भी फिट और सेहतमंद रह सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3. हल्दी-लौंग-काली मिर्च का काढ़ा -</strong> हल्दी और लौंग की तासीर गर्म होती है, जो ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म रखती है. साथ ही यह काढ़ा इम्यूनिटी बढ़ाने और संक्रमण से बचाने में भी मदद करता है इसे बनाने के लिए 1 कप पानी में हल्दी, लौंग और काली मिर्च डालें. इसे कम से कम 10 मिनट तक उबालें. अब छानकर हल्का गरम पिएं. इस काढ़े से दिन की शुरुआत करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4. लेमन ग्रास का काढ़ा -</strong> लेमन ग्रास का काढ़ा शरीर को डिटॉक्स करने और एनर्जी देने में मदद करता है. यह पाचन के लिए भी अच्छा माना जाता है. इसे बनाने के लिए 1 कप पानी में अदरक और लेमन ग्रास डालें. इसे 7-8 मिनट तक उबालें. अब इसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर गरम-गरम पिएं. इस काढ़े से आपका शरीर अंदर से मजबूत रहेगा और थकान भी कम होगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5. दालचीनी-लौंग का काढ़ा -</strong> दालचीनी और लौंग के मसाले सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. यह काढ़ा इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ शरीर को अंदर से गर्म रखने में भी मदद करता है. इसे बनाने के लिए 1 कप पानी में खड़ी मसाले जैसे लौंग, काली मिर्च और दालचीनी डालें. इसे उबालें और फिर हल्का शहद मिलाकर छान लें. अब गरम-गरम पिएं. रोजाना इसे पीने से आप सर्दियों में वायरल और ठंड के संक्रमण से सुरक्षित रहेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें</strong> <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/men-go-silent-women-speak-out-does-depression-see-gender-difference-3037922">Depression in men and women: डिप्रेशन में मर्द चुप हो जाते हैं लेकिन ज्यादा बोलती हैं महिलाएं, क्या यह बीमारी भी देखती है जेंडर डिफरेंस?</a></p>

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Happy Gurpurab 2025 Wishes: आर नानक पार नानक..इन संदेशों से दें प्रियजनों को गुरु पर्व की शुभकामनाएं

<p style="text-align: justify;"><strong>Happy Gurpurab 2025 Wishes: </strong>सिख धर्म को मानने वालों के लिए गुरुनानक जयंती प्रमुख पर्व है. इसे गुरु पूरब या प्रकाश पर्व के नाम से भी जाना जाता है. हर साल कार्तिक पूर्णिमा के दिन को गुरुनानक जयंती के रूप में मनाया जाता है. इस साल बुधवार 5 नवंबर 2025 को देशभर में गुरुनानक जयंती मनाई जाएगी.</p> <p style="text-align: justify;">गुरुनानक जयंती के मौके पर लोग एक दूसरे को संदेश, फोटो या वॉलपेपर आदि भेजकर इस दिन शुभकामनाएं देते हैं. आप भी अपने दोस्तों, रिश्तेदारों, परिवार वालों या प्रियजनों को गुरुनानक जयंती की बधाई देना चाहते हैं तो यहां देखिए टॉप 25 मैसेज.</p> <p style="text-align: justify;"><em><strong>खालसा मेरा रूप है खास</strong></em><br /><em><strong>खालसे में ही करूं निवास,</strong></em><br /><em><strong>खालसा अकाल पुरख की फौज,</strong></em><br /><em><strong>खालसा मेरा मित्र कहाए,</strong></em><br /><em><strong>गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं </strong></em></p> <p style="text-align: justify;"><em><strong> <br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/11/04/eeba5d2077c814976876f098c83236b71762254090553466_original.jpg" /></strong></em></p> <p style="text-align: justify;"><em><strong>नानक नाम जहाज है,</strong></em><br /><em><strong>जो जपे वो उतरे पार</strong></em><br /><em><strong>मेरा सद्गुरु करता मुझको प्यार,</strong></em><br /><em><strong>वही तो है मेरा खेवनहार</strong></em><br /><em><strong>हैप्पी गुरु नानक जयंती</strong></em></p> <p style="text-align: justify;"><em><strong><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/11/04/6119f9fb77a7879b301653503362a30b1762254108484466_original.jpg" /></strong></em></p> <p style="text-align: justify;"><em><strong>नानक नाम चढ़दी कला</strong></em><br /><em><strong>तेरे भाने सरबत दा भला</strong></em><br /><em><strong>धन-धन साहिब श्री गुरु नानक देव जी के जन्मदिन पर बधाइयां</strong></em><br /><em><strong>गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं&nbsp;</strong></em></p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/11/04/6021093f6938f653d7ad55967e3b960e1762254129257466_original.jpg" /><br /><em><strong>&nbsp;</strong></em><br /><em><strong>सतगुरु सबके काज सवारें,</strong></em><br /><em><strong>हम सभी के आप रखवारे सतनाम वाहे गुरु,</strong></em><br /><em><strong>वाहे गुरु जी दा खालसा,</strong></em><br /><em><strong>वाहे गुरु जी दी फतेह</strong></em><br /><em><strong>गुरुपर्व 2025 की हार्दिक बधाई!</strong></em></p> <p style="text-align: justify;"><em><strong><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/11/04/8dbb546c9fe71605bbc1b48191699a761762254150766466_original.jpg" /></strong></em></p> <p style="text-align: justify;"><em><strong>आर नानक पार नानक,</strong></em><br /><em><strong>सब था एक ओंकार नानक</strong></em><br /><em><strong>वाहेगुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फतेह</strong></em><br /><em><strong>गुरु नानक जयंती की बधाई</strong></em></p> <p style="text-align: justify;"><em><strong><br /><img src="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2025/11/04/12d87cf85bf0d10599a98992c7c8d9e11762254187363466_original.jpg" /></strong></em></p> <div id="article-hstick-inner" class="abp-story-detail "> <div id="article-hstick-inner" class="abp-story-detail "> <div id="article-hstick-inner" class="abp-story-detail "> <div id="article-hstick-inner" class="abp-story-detail "> <p style="text-align: justify;"><strong>गुरुनानक जयंती की शुभकामनाएं (Guru Nanak Jayanti Shubhkamnaye in Hindi)</strong></p> <p style="text-align: justify;">तेरे हैं गुरुवर का, हमेशा हाथ सिर पर<br />हरदम वो साथ हैं हमारे<br />सारे बिगड़े काम बनाएंगे !<br />गुरु नानक जयंती की बधाई !</p> <p style="text-align: justify;">खुशियां और आपका जन्म-जन्म का साथ हो<br />हर किसी की जुबां पर आपकी हंसी की बात हो<br />जीवन में कभी कोई मुसीबत आए भी<br />तो आपके सिर पर गुरु नानक जी का हाथ हो !<br />हैप्पी गुरु पर्व &nbsp;!</p> <p style="text-align: justify;">मन में भाईचारा, दिल में सच्चाई<br />यही गुरु की असली सीख है<br />गुरु नानक जयंती की बधाई !</p> <p style="text-align: justify;">आपके सारे सपने पूरे हों<br />आपको सुखद जीवन मिले,<br />गुरु नानक जी की हमेशा कृपा बनी रहे<br />गुरु नानक जयंती की बधाई!</p> <p style="text-align: justify;">बाबा जी की रहे मेहर,<br />तो चिंता किस बात की है.<br />जिसके शीष पर गुरु नानक जी का आशीर्वाद,<br />उसकी नैया पार है।<br />हैप्पी गुरुपर्व 2025 !</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गुरु पर्व की लख-लख बधाईयां (</strong><strong>Happy Gurpurab 2025 Wishes</strong><strong>)</strong><strong>&nbsp;</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>गुरु नानक देव आप और आपके परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखे और आपके सभी कष्ट दूर करे. गुरु पर्व की शुभकामनाएं.</li> <li>यह गुरु पर्व आप और आपके परिवार में खुशियां और तरक्की लेकर आए. गुरु पर्व की बहुत-बहुत शुभकामनाएं.</li> <li>गुरु नानक देव जी कृपा आप पर सदा बनी रहे, उनके जीवन की शिक्षाएं आपके जीवन में बनी रहे.</li> <li>प्रकाश पर्व आपके जीवन को रोशनी से भर दे और आपके परिवार को सभी दुखों से दूर करे. गुरु नानक जयंती की शुभकामनाएं.</li> <li>गुरु नानक देव जी के मार्गदर्शन से आपके सभी सपने सच हों. आपको गुरु नानक जयंती की ढेर सारी शुभकामनाएं.</li> <li>इस विशेष दिन पर, हम सभी को एकता और भाईचारे का संदेश फैलाना चाहिए. गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं.</li> <li>वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह, जो बोले सो निहाल, सत श्रीअकाल.</li> <li>खालसा का रूप हूं मैं, खालसा में ही करूं निवास, आज है गुरु पूरब और हर मन में करें आज आस.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&nbsp;<span class="skimlinks-unlinked">ABPLive.com</span> किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p> </div> </div> </div> </div>

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40 की उम्र पार करते ही महिला और पुरुष को कराने चाहिए ये टेस्ट, यहां देख लें अलग-अलग लिस्ट

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खून में घुसकर नसों में सूजन पैदा कर रहा दिल्ली का प्रदूषण, धीरे-धीरे मौत के करीब आ रहा आम इंसान!

<div id=":3pz" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" style="text-align: justify;" tabindex="1" role="textbox" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":3se" aria-controls=":3se" aria-expanded="false"> <p>दिल्ली एनसीआर में बढ़ता हुआ एयर क्वालिटी इंडेक्स अब गंभीर चिंता का कारण बन गया है. दिल्ली की जहरीली हवा अब न केवल फेफड़ों तक सीमित रही बल्कि इसका असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी दिखने लगा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली एनसीआर का प्रदूषण ऑटोइम्यून डिजीज जैसे रूमेटाइड आर्थराइटिस का कारण भी बन सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि दिल्ली एनसीआर की जहरीली हवा सिर्फ फेफड़े ही नहीं बल्कि दिमाग और दिल पर भी कैसे असर कर रही है. <br /><br /><strong>दिल्ली की हवा से दिल की सेहत पर बढ़ता खतरा </strong><br /><br />दिल्ली की जहरीली हवा को देखते हुए एक्सपर्ट्स बताते हैं कि प्रदूषित हवा में मौजूद पीएम 2.5 जैसे छोटे-छोटे कण खून में घुसकर नसों में सूजन पैदा कर देते हैं. वहीं यह सूजन ब्लड क्लोट बनने का कारण बनती है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जिन लोगों को पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर या होर्डेड आर्टरीज की समस्या है, उनके लिए यह प्रदूषण और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे में एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि दिल को प्रदूषण के असर से बचाने के लिए लोगों में हवा के संपर्क को कम करना, साफ हवा की पहल को बढ़ावा देना, और हार्ट हेल्थ को लेकर जागरूकता जरूरी है. <br /><br /><strong>दिमाग और मेंटल हेल्थ पर भी असर </strong><br /><br />दिल्ली की जहरीली हवा अब सिर्फ फेफड़ों ही नहीं बल्कि मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर डाल रही है. एक्सपर्ट्स के अनुसार लंबे समय तक जहरीली हवा के संपर्क में रहने से दिमाग पर खतरनाक असर पड़ सकता है. प्रदूषण के कारण न्यूरो इन्फ्लेमेशन यानी दिमाग में सूजन हो सकती है, जिससे न्यूरॉनकनेक्शन कमजोर होते हैं. न्यूरोट्रांसमीटर का संतुलन बिगड़ता है और अल्जाइमर व पार्किंसंस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जहरीली हवा ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाती है जिससे मेमोरी, ध्यान और निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़ता है. वहीं बच्चों में यह कंडीशन और गंभीर हो सकती है क्योंकि इस समय उनके दिमाग की ग्रोथ चल रही होती है. ऐसे में प्रदूषित हवा से बच्चों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर और ADHD जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां बढ़ सकती है.<br /><br /><strong>डिप्रेशन और आत्महत्या का खतरा भी बढ़ रहा </strong><br /><br />एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जो लोग पिछले 5 सालों से प्रदूषण के हाई लेवल वाले इलाकों में रह रहे हैं, उनमें डिप्रेशन और सुसाइड के थॉट्स और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट जैसे लक्षण बढ़ रहे हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि विशेष रूप से बच्चे इसके ज्यादा खतरे में है, क्योंकि उनके विकसित होते दिमाग पर प्रदूषण का सीधा असर पड़ता है. इससे डिप्रेशन, स्किजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर और सुसाइडल थॉट्स का खतरा बढ़ जाता है.</p> <p><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/obesity-study-reveals-obese-people-may-have-lower-risk-of-heart-diseases-due-to-mc4r-gene-mutation-3038383">मोटे लोगों के लिए खुशखबरी! दिल की बीमारियों का रहता है खतरा कम, सामने आई चौंकाने वाली स्टडी</a></strong></p> <div id=":25v" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" tabindex="1" role="textbox" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":28a" aria-controls=":28a" aria-expanded="false"> <p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p> </div> </div>

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महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज कब हो जाता है खतरनाक, कब तक ये नॉर्मल है?

<p style="text-align: justify;">महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज आना एक सामान्य प्रक्रिया होती है. इसे मेडिकल लैंग्वेज में ल्यूकोरिया कहा जाता है. यह वजाइना को साफ, नम और संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद करता है. ज्यादातर महिलाओं में यह ओव्यूलेशन पीरियड से पहले या बाद में या हार्मोनल बदलाव के कारण होता है. कभी-कभी तनाव कमजोरी या नींद की कमी की वजह से भी व्हाइट डिस्चार्ज हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">जब तक व्हाइट डिस्चार्ज में कोई बदबू, खुजली या रंग में बदलाव नहीं होता है, तब तक यह पूरी तरह सामान्य माना जाता है और शरीर के हेल्दी फंक्शन का संकेत होता है, लेकिन कई बार महिलाओं में व्हाइट डिस्चार्ज खतरनाक हो जाता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि महिलाओं में कब व्हाइट डिस्चार्ज खतरनाक हो जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कब होता है व्हाइट डिस्चार्ज खतरनाक?</strong></p> <p style="text-align: justify;">अगर व्हाइट डिस्चार्ज की मात्रा ज्यादा हो जाए, रंग पीला, हरा या भूरा दिखने लगे और उसमें बदबू आने लगे तो यह किसी संक्रमण या बीमारी का संकेत हो सकता है. ऐसी कंडीशन में वजाइना में खुजली, जलन या दर्द महसूस होता है. इसे लेकर एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि नॉर्मल डिस्चार्ज से डरने की बात नहीं होती है, लेकिन इसके रंग या गंध में बदलाव कई बीमारियों का संकेत दे सकता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि बैक्टीरियल वेजिनोसिस जैसी समस्याओं में डिस्चार्ज पतला और बदबूदार हो जाता है. वहीं ट्राइकोमोनियासिस में डिस्चार्ज पीला या हरा दिखता है. इसके अलावा फंगल इन्फेक्शन में यह गाढ़ा दिखाई देता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>&nbsp;व्हाइट डिस्चार्ज &nbsp;के आम कारण</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>हार्मोनल बदलाव- ओव्यूलेशन के बाद प्रोजेस्टेरोन के बढ़ने से वजाइना में व्हाइट डिस्चार्ज होता है.</li> <li>प्रेगनेंसी- शुरुआती प्रेगनेंसी में हार्मोनल बदलाव के कारण भी व्हाइट डिस्चार्ज बढ़ सकता है.</li> <li>यीस्ट इंफेक्शन- फंगस ज्यादा होने की वजह से महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज हो सकता है.</li> <li>बैक्टीरियल वेजिनोसिस- वजाइना के बैक्टीरिया में असंतुलन के कारण भी वाइट डिस्चार्ज हो सकता है.</li> <li>तनाव और नींद की कमी- तनाव और नींद की कमी भी अस्थाई रूप से हार्मोन के लेवल को प्रभावित करती है, जिसके कारण महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज होता है.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>किन लक्षणों के होने पर करना चाहिए डॉक्टर से संपर्क?</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>अगर व्हाइट डिस्चार्ज &nbsp;के समय खुजली, जलन या बदबू आने लगे तो आपको इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.</li> <li>इसके अलावा &nbsp;व्हाइट डिस्चार्ज गंध या झागदार बनने लगे तो भी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.</li> <li>डिस्चार्ज का रंग पीला, हरा या भूरा होने पर भी आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.</li> <li>अगर व्हाइट डिस्चार्ज के समय रेशे या स्किन में सूजन जैसे दिक्कतें होती है तो भी आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>&nbsp;व्हाइट डिस्चार्ज के संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>व्हाइट डिस्चार्ज में होने वाले संक्रमण से बचने के लिए महिलाओं को रोजाना वजाइना की साफ-सफाई का ध्यान रखना और सिंथेटिक के बजाए सूती अंडर गारमेंट्स पहनने चाहिए.</li> <li>इसके अलावा गीले कपड़े या पेटी लाइनर लंबे समय तक नहीं पहने चाहिए.</li> <li>वहीं प्राइवेट पार्ट्स को सूखा और साफ रखना चाहिए.</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/20-minute-daily-walk-vs-10-lakh-home-gym-cardiologist-explains-what-truly-best-for-your-heart-3038035#google_vignette">Daily walk: 20 मिनट की डेली वॉक या 10 लाख रुपये का होम जिम, आपके हार्ट के लिए क्या बेस्ट? कार्डियोलॉजिस्ट से समझें फायदे का सौदा</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>

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दिल्ली के प्रदूषण से बचना है तो बदल लें लाइफस्टाइल, ऐसे रखें खुद का ख्याल

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मोटे लोगों के लिए खुशखबरी! दिल की बीमारियों का रहता है खतरा कम, सामने आई चौंकाने वाली स्टडी

<div id=":25v" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" style="text-align: justify;" tabindex="1" role="textbox" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":28a" aria-controls=":28a" aria-expanded="false"> <p>मोटापे को लेकर हाल ही में हुई एक स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस स्टडी में मोटापे और दिल की बीमारियों के कनेक्शन को चुनौती दी है. आमतौर पर माना जाता है कि मोटापा दिल की बीमारी और हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ता है, लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि एमसी4आर का नाम का एक जीन जो मोटापा बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है, वही दिल की बीमारियों से बचाव करता है.</p> <p>रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों में एमसी4आर जीन का रेयर वेरिएंट पाया गया है, उनमें एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है और हार्ट डिजीज का खतरा भी घट जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार, यह जीन लगभग एक प्रतिशत मोटे लोगों में और पांच प्रतिशत मोटे बच्चों में पाया जाता है. इस रिसर्च के अनुसार, ब्रिटेन में हर 300 में से एक व्यक्ति में यह जीन म्यूटेशन हो सकता है.&nbsp;</p> <p><strong>मोटापे और हार्ट डिजीज के बीच अनोखा कनेक्शन&nbsp;</strong></p> <p>दरअसल, इस रिसर्च का उद्देश्य यह समझना था कि कुछ लोग मोटे होने के बावजूद दिल की बीमारियों से कैसे बचे रहते हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के मेटाबॉलिज्म एक्सपर्ट्स के अंडर हुई इस स्टडी में पाया गया है कि एमसी4आर जीन हमारे दिमाग में एक ऐसा प्रोटीन बनता है, जो भूख को कंट्रोल करता है. जब यह जीन सही तरीके से काम करता है, तो वह व्यक्ति कम खाता है. लेकिन जब इसमें गड़बड़ी होती है तो व्यक्ति को भूख ज्यादा लगती है और वजन तेजी से बढ़ता है. रिसर्चर्स के अनुसार यह जीन मोटापा बढ़ाने का कारण बनता है, लेकिन इसके रेयर वेरिएंट वाले लोगों में खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल काफी कम होता है, इससे हार्ट डिजीज का खतरा घट जाता है.&nbsp;</p> <p><strong>हजारों लोगों पर की गई जांच&nbsp;</strong></p> <p>स्टडी में 7,719 बच्चों और 124 वयस्कों के जीन पर रिसर्च की गई, जिनमें मोटापा एमसी4आर जीन की गड़बड़ी के कारण था. &nbsp;इसके अलावा इसके बाद उनकी तुलना यूके के बायो बैंक के 3.36 लाख लोगों से की गई. जिसके रिजल्ट में पता चला कि एमसी4आर की कमी वाले व्यक्तियों में ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल बेहतर रहे और उनके दिल की सेहत आम लोगों से बेहतर पाई गई है.&nbsp;</p> <p><strong>क्या कहती है रिपोर्ट?</strong></p> <p>इस रिसर्च के रिजल्ट में बताया गया है कि एमसी4आर जीन शरीर के फैट मेटाबॉलिज्म को दिमाग के जरिए कंट्रोल करता है. जिन लोगों में यह जीन सही से काम नहीं करता है उनमें मोटापा तो बढ़ता है, लेकिन ट्राइग्लिसराइड और खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम रहता है. वहीं इस रिसर्च को लेकर रिसर्चर्स का कहना है कि एमसी4आर जीन की कार्यप्रणाली को समझ कर दिल की बीमारियों और हाई कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए नई दवाएं बनाई जा सकती हैं.</p> <p><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/can-men-also-get-breast-cancer-like-women-know-the-symptoms-men-should-never-ignore-3037853">Male breast cancer signs: महिलाओं की तरह क्या पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर, जानें कैसे दिखते हैं उनमें लक्षण</a></strong></p> <p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p> </div>

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हर 9 में से 1 भारतीय किसी न किसी बीमारी की चपेट में, ICMR की चौंकाने वाली रिपोर्ट

<div id=":25v" class="Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY" style="text-align: justify;" tabindex="1" role="textbox" spellcheck="false" aria-label="Message Body" aria-multiline="true" aria-owns=":28a" aria-controls=":28a" aria-expanded="false"> <p><strong>ICMR Report:&nbsp;</strong>भारत में संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की एक रिपोर्ट ने चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर 9 में से एक व्यक्ति किसी ने किसी संक्रामक बीमारी की चपेट में है. आईसीएमआर ने यह जानकारी अपनी वायरस रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब नेटवर्क के डेटा के आधार पर दिए हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते की हर 9 में से 1 भारतीय किसी ने किसी बीमारी की चपेट में कैसे हैं और आईसीएमआर की चौंकाने वाली रिपोर्ट में क्या-क्या खुलासा हुआ है. <br /><br /><strong>कैसे बढ़ रही है संक्रमण दर?</strong><br /><br />आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च 2025 के बीच लिए 2,28,856 सैंपलों में से 24,502 यानी 10.7 प्रतिशत में संक्रमण पाया गया है. वहीं अप्रैल से जून 2025 के बीच 2,26,095 सैंपलों में से 26,055 यानी 11.5 प्रतिशत संक्रमित पाए गए हैं. इसका मतलब है कि संक्रमण दर में 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, देश में संक्रामक बीमारियां लगातार बढ़ती जा रही हैं और अगर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में एक बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण भी बन सकता है. <br /><br /><strong>किन-किन संक्रमणों का बढ़ रहा खतरा?</strong><br /><br />आईसीएमआर की रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत में सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए गए संक्रमणों में इनफ्लुएंजा ए, डेंगू , हेपेटाइटिस ए, &nbsp;नोरोवायरस और हर्पीज सिंप्लेक्स वायरस शामिल है. इन बीमारियों के कारण लोगों में सांस लेने से संबंधित संक्रमण, पीलिया, दस्त और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. आईएमसीआर की रिपोर्ट को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि भले ही संक्रमण दर में बढ़ोतरी मामूली दिख रही हो, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. यह मौसमी बीमारियों और नए संक्रमणों के लिए एक अर्ली वॉर्निंग के रूप में काम कर सकती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर संक्रमण के तिमाही आंकड़ों की निगरानी जारी रखी गई तो भविष्य में महामारी जैसी कंडीशन को रोका जा सकता है. <br /><br /><strong>2014 से अब तक 40 लाख से ज्यादा सैंपल टेस्ट </strong><br /><br />आईसीएमआर के अनुसार साल 2014 से 2024 के बीच देश भर में 40 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच की गई है. जिनमें 18.8 प्रतिशत सैंपलों में संक्रमण दर पैदा करने वाले रोगाणुओं की पहचान हुई है. वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि संक्रमण दर बढ़ने की प्रमुख वजहों में तेजी से बढ़ता शहरीकरण, भीड़भाड़, स्वच्छता की कमी और जलवायु परिवर्तन शामिल है, जो वायरस और बैक्टीरिया को फैलाने के लिए सही माहौल देते हैं. वहीं रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत में संक्रामक रोगों के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है. इसके अलावा एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि संक्रमण दर का यह बढ़ता ट्रेंड फ्यूचर में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बोझ डाल सकता है.</p> <p><strong>ये भी पढ़ें-<a href="https://www.abplive.com/lifestyle/men-go-silent-women-speak-out-does-depression-see-gender-difference-3037922">Depression in men and women: डिप्रेशन में मर्द चुप हो जाते हैं लेकिन ज्यादा बोलती हैं महिलाएं, क्या यह बीमारी भी देखती है जेंडर डिफरेंस?</a></strong></p> <div id="article-hstick-inner" class="abp-story-detail "> <p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p> </div> <div class="about-author">&nbsp;</div> </div>

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Daily walk: 20 मिनट की डेली वॉक या 10 लाख रुपये का होम जिम, आपके हार्ट के लिए क्या बेस्ट? कार्डियोलॉजिस्ट से समझें फायदे का सौदा

<p style="text-align: justify;"><strong>Benefits of daily walk:</strong> महंगे जिम, प्रोटीन पाउडर और फिटनेस गैजेट्स पर लाखों रुपये खर्च करने से पहले जरा सोचिए क्या आपकी सेहत को सच में इन सबकी ज़रूरत है? मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शैलेश सिंह के मुताबिक, आपके दिल के लिए सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट किसी जिम मशीन में नहीं, बल्कि रोज़ाना की 20 मिनट की सैर में छिपा है. हाल ही में वायरल हुए अपने पोस्ट में डॉ. सिंह ने बताया कि रोज चलने की छोटी-सी आदत भी शरीर और दिल पर कितना गहरा असर डालती है. उन्होंने कहा कि "सेहत कोई लग्जरी नहीं, एक आदत है और आदतें पैसे से नहीं, नियमितता से बनती हैं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वॉक करने से बेहतर होती है सेहत</strong></p> <p style="text-align: justify;">डॉ. सिंह बताते हैं कि एक दिन की छोटी वॉक भले ही बेकार लगे, लेकिन अगर आप इसे हर दिन करते हैं, तो इसका असर कई गुना बढ़ जाता है. उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे अपनी हर वॉक को कैलेंडर पर मार्क करें और हर दिन एक 'X' का निशान लगाएं. जब ये निशान बढ़ने लगते हैं, तो एक तरह का संतोष और मोटिवेशन मिलता है, जिससे दिमाग खुद उस सिलसिले को तोड़ना नहीं चाहता.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हमारे पास टाइम नहीं है</strong></p> <p style="text-align: justify;">डॉक्टर ने लोगों की एक और आदत पर भी तंज कसा कि "हम सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करने, ओटीटी पर शो देखने या बेवजह बहस करने में घंटों निकाल देते हैं, लेकिन जब खुद के लिए 20 मिनट निकालने की बात आती है तो कहते हैं कि टाइम नहीं है." उनका कहना है कि अगर आप दिन के सिर्फ 30 मिनट मोबाइल से हटाकर वॉक, हेल्दी खाना या नींद पर फोकस करें, तो यह आपके दिल के लिए किसी भी लाइक या व्यू से ज़्यादा मूल्यवान होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वॉकिंग हैक्स</strong></p> <p style="text-align: justify;">डॉ. सिंह ने 'वॉकिंग हैक्स' भी शेयर किए, जो लोगों को नियमित रहने में मदद कर सकते हैं. उनका पसंदीदा तरीका है जिसे वो "कमिटमेंट डिवाइस" कहते हैं. इसमें किसी दोस्त या साथी के साथ वॉक का प्लान बनाइए. उन्होंने कहा कि "जब आप किसी के साथ वॉक पर जाने का वादा करते हैं, तो उसे कैंसिल करना मुश्किल लगता है, लेकिन जाना आसान." यह एक छोटा-सा मनोवैज्ञानिक ट्रिक है जो अच्छी आदतों को आसान और बुरी आदतों को कठिन बना देता है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए. "मैं चलने जा रहा हूँ" की जगह "मुझे चलने का मौका मिला है" कहना शुरू करें. उन्होंने याद दिलाया कि दुनिया में लाखों लोग हैं जो चाहकर भी चल नहीं सकते. इसलिए चलना एक काम नहीं, बल्कि एक सौभाग्य है. जब आप इस बात को समझ लेते हैं, तो टहलना आपके लिए बोझ नहीं, बल्कि खुद के प्रति आभार का तरीका बन जाता है. डॉ. सिंह के मुताबिक, हार्ट की सेहत सिर्फ महंगी दवाओं या जिम मशीनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उन छोटे फैसलों पर जो आप रोज लेते हैं. सुबह उठकर कुछ कदम चलना, गहरी सांस लेना और अपने शरीर को थोड़ा वक्त देना ही असली इन्वेस्टमेंट है जो लंबी उम्र का ब्याज देता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इसे भी पढ़ें- <a title="Male breast cancer signs: महिलाओं की तरह क्या पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर, जानें कैसे दिखते हैं उनमें लक्षण" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/can-men-also-get-breast-cancer-like-women-know-the-symptoms-men-should-never-ignore-3037853" target="_self">Male breast cancer signs: महिलाओं की तरह क्या पुरुषों को भी हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर, जानें कैसे दिखते हैं उनमें लक्षण</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>

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