<p style=”text-align: justify;”>आजकल की हर कोई बिजी लाइफ और दिनभर की थकान के बाद रात को चैन की नींद लेना चाहता है. एक अच्छी नींद न सिर्फ शरीर को आराम देती है, बल्कि हमारे दिमाग, दिल और पाचन तंत्र तक को हेल्दी रखने में मदद करती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप जिस पोजीशन में सोते हैं, वह आपकी सेहत पर गहरा असर डाल सकती है. खासतौर पर दिल के मरीजों के लिए सोने का तरीका बेहद मायने रखता है क्योंकि अगर आप गलत पोजिशन में सोते हैं, तो इससे ब्लड सर्कुलेशन, सांस की गति, पेट की पाचन क्रिया और यहां तक कि दिल पर दबाव तक बढ़ सकता है जो हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति को जन्म दे सकता है. ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि नींद में कौन सी पोजीशन दिल के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है और नींद में की गई एक छोटी-सी गलती कैसे हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>नींद में की गई गलत पोजीशन से कैसे आता है हार्ट अटैक?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>जब आप सोते हैं, तो आपका शरीर Active Mode से Relax Mode में चला जाता है. इसी दौरान दिल की धड़कन थोड़ी धीमी हो जाती हैं, और शरीर का ब्लड प्रेशर भी सामान्य से कम हो सकता है. यह तो सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन अगर किसी को दिल की बीमारी पहले से हो, तो यही बदलाव उसके लिए खतरनाक हो सकता है. नींद के दौरान धीमी हार्ट रेट, लो ब्लड प्रेशर, सांस की दिक्कत, सांस फूलना और गहरी नींद के दौरान हार्ट पर दबाव का खतरा बढ़ जाता है. </p>
<p style=”text-align: justify;”>दिनभर चलने-फिरने पर शरीर में पानी खासकर पैरों में जमा हो जाता है. लेकिन जब हम लेटते हैं, तो ये फ्लूइड ऊपर की तरफ, यानी फेफड़ों और दिल की तरफ खिसकने लगता है. इससे फेफड़ों में पानी भर सकता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और दिल पर और अधिक दबाव पड़ता है. यही कारण है कि कई हार्ट फेलियर पेशेंट्स को रात में नींद टूटने या घुटन जैसी शिकायत होती है. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>नींद में कौन सी पोजीशन दिल के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>कुछ रिसर्च के अनुसार, नींद में बाईं ओर सोने से यानी लेफ्ट पोजिशन दिल के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है. बाईं ओर सोने से दिल पर दबाव बढ़ सकता है, खासकर हार्ट फेलियर वाले मरीजों में, इससे धड़कनें तेज महसूस हो सकती हैं, हालांकि, यह प्रेग्नेंट महिलाओं और पाचन संबंधी रोगों के लिए फायदेमंद है. लेकिन इस तरीके से सोने से पीठ और गर्दन में दर्द, एसिडिटी और गैस की समस्या, सांस लेने में परेशानी और खर्राटे, स्लीप एपनिया के लक्षण, दिल पर एक्स्ट्रा दबाव, खराब नींद और थकान हो सकता है. वहीं दाईं करवट यानी राइट पोजिशन में सोना दिल के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है. इससे दिल पर कम दबाव पड़ता है, हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर स्थिर रहता है और हार्ट अटैक से बचने वाले मरीजों के लिए भी यह बेहतर है. </p>
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<p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>
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