शुगर कनेक्शन ने खोला बच्चों के कैंसर का राज, डॉक्टर बोले- अब बदलेगा इलाज का तरीका

शुगर कनेक्शन ने खोला बच्चों के कैंसर का राज, डॉक्टर बोले- अब बदलेगा इलाज का तरीका

<div id=”:25a” class=”Am aiL Al editable LW-avf tS-tW tS-tY” style=”text-align: justify;” tabindex=”1″ role=”textbox” spellcheck=”false” aria-label=”Message Body” aria-multiline=”true” aria-owns=”:27p” aria-controls=”:27p” aria-expanded=”false”>
<p>कैंसर के इलाज को लेकर एक नई रिसर्च सामने आई है. रिसर्चर ने हाल ही में &nbsp;Malignant Peripheral Nerve Sheath Tumour में एक पहले से अज्ञात कमजोरी का पता लगाया है, जो एक दुर्लभ और आक्रामक बचपन का कैंसर है. इस रिसर्च से फ्यूचर में कैंसर के इलाज की दिशा पूरी तरह बदल सकती है. दरअसल एक्सपर्ट्स के अनुसार MPNST कैंसर सेल्स शुगर के मेटाबॉलिज्म के लिए पीपीपी पर बहुत ज्यादा भारी रहते हैं. यह प्रक्रिया कैंसर कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाती है. जिससे वह जीवित रहती है और तेजी से बढ़ती है. रिसर्चर ने जब इस मेटाबोलिक प्रक्रिया को रोका तो ट्यूमर की ग्रोथ धीमी हो गई और कीमोथेरेपी का असर बढ़ गया. इसे लेकर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हम कैंसर रिसर्च के नए युग में प्रवेश कर चुके हैं. अब इलाज सिर्फ बेहतर नहीं बल्कि हर प्रकार के कैंसर की कमजोरी के हिसाब से तैयार किया जा रहा है. <br /><br /><strong>कैसे बदला इलाज का तरीका?</strong></p>
<p>इस नई रिसर्च को कैंसर ट्रीटमेंट में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार अब फोकस सिर्फ कैंसर सेल्स को खत्म करने पर नहीं, बल्कि उन बायोलॉजिकल रास्तों को रोकना है जो इसे बढ़ने देते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार MPNST में पीपीपी को metabolic bottleneck के रूप में पहचान एक बड़ी उपलब्धि है. इससे फ्यूचर में नई दवाइयों के लिए रास्ता भी खुल सकता है. जिससे बच्चों और बड़ों के लिए कैंसर के इलाज में आसानी होगी. <br /><br /><strong>शुगर और डाइट को लेकर गलतफहमियां &nbsp;</strong></p>
<p>एक्सपर्ट्स ने यह भी साफ किया है कि इस रिसर्च का यह मतलब नहीं कि बच्चों की डाइट से शुगर पूरी तरह हटा देने से कैंसर पर कंट्रोल पाया जा सकता है. एक्सपर्ट में बताया कि यह लेबोरेटरी की रिसर्च है, इसे सीधे डाइट पर लागू करना गलत होगा. &nbsp;कैंसर से पीड़ित बच्चे पहले ही कुपोषण का शिकार होते हैं, ऐसे में जरूरी पोषक तत्वों की कमी उनके सेहत और रिकवरी पर बुरा असर डाल सकती है. इसे लेकर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि किसी भी तरह की डाइट या इलाज बदलने से पहले ऑन्कोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए. क्योंकि हर बच्चे की बीमारी, ट्रीटमेंट और सेहत अलग होती है. ऐसे में संतुलित आहार ही रिकवरी और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकता है.&nbsp;</p>
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<p><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>
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